शरीर में जिन्न होने के लक्षण और जिन्नात से छुटकारा पाने के कारगर उपाय Sharir me Jin Hone ke Lakshan

दुनिया में आज भी कई ऐसी चीजें है जिनका होना और ना होना अपने आप में एक रहस्य है, ऐसी ही एक mystery का कारण जिन्न है, जिनका मुस्लिम जगत में बोल-बोला है, कुछ कहते हैं ये सच में होते हैं तो कुछ का कहना है की ये बस भोले लोगों की मनगढ़ंत कहानियां है । लेकिन ऐसा एक बड़ा तबका मौजूद है जो ये मानता है की जिन्न का अस्तित्व होता है और जब ये किसी की बॉडी पर कब्जा कर लेते हैं तो शरीर में जिन्न होने के लक्षण ( sharir me jinn hone ke lakshan ) भी दिखते हैं

खैर अधिकतर वैज्ञानिक नज़ारिये बाले लोग इन पर बिल्कुल विश्वास नही करते और इनके अस्तित्व को नकार कर केवल नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जा की बात करते हैं

उनका मानना है की जिन्न ना तो होते हैं और ना ही ये शरीर पर किसी तरह की हानि पहुचा सकते हैं मगर पुरी दुनिया के मुस्लिम और धार्मिक लोग ना केवल इस पर विश्वास करते हैं बल्कि इसके लक्षणों के अलावा जिन्नात से छुटकारा कैसे पाएं ( jinnat se chutkara kaise paye ) इसकी पुरी विधि भी बताते हैं ।

खैर इस बहस में ज्यादा नही जाएंगे और सीधे काम की बात पर करते है ।

शरीर में जिन्न होने के लक्षण –  sharir me jinn hone ke laksha

शरीर में जिन्न होने के लक्षण
शरीर में जिन्न होने के लक्षण

तो यहां हम आपको भले ही शरीर में जिन्नात होने के लक्षण क्या हैं? इसके बारे में बता रहे हैं जिनके बारे में आपको जरूर पता होना चाहिये, लेकिन हम एक जरूरी सलाह जरूर देना चाहेंगे की जिसको लोग आमतौर पर जिन्न के लक्षण समझ कर बाबाओं और पीरों के चक्कर काटतेे हैं वो अक्सर मानसिक समस्याएं ( Mental problems ) होती है जिसमें व्यक्ति को तीव्र भम्र होने लगते हैं और वो उन्ही को नेगेटिव एनर्जी या फिर जिन्न से जोड़ कर देखने लगते है ।

तो इस बात का विशेष ध्यान रखते हुए हम आपको यहां शरीर में जिन्न होने के लक्षण क्या हैं? इसके बारे में बताने वाले हैं, तो चलिये बिना देरी के आर्टिकल को शुरू करते हैं ।

क्या होते हैं जिन्न – Who is jinn

दुनिया भर के मुसलमान और धर्म में आस्था रखने वाले लोगों का ये नज़रिया है की जिन्न एक आध्यात्मिक मख़लूक़ है जिसे अल्लाह / इश्वर ने नूर नहीं बल्कि आग की लपट से बनाया है ।

इनकी एक खासियत ये है की ये आंखों से नजर नही आते और बहुत विशाल तथा ताकतवर होते है, इनका चेहरा भी बहुत खौफनाक होता है ।

इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार ये इंसान को नुकसान भी पहुंचा सकते है और कभी–कभी शरीर में दाख़िल भी हो सकते है। इसलिए जो लोग जिन्न साधना ( Jinn sadhna ) करते हैं उनको इस चीज का खास ख्याल रखवा चाहिये ।

अब आपके मन में एक सवाल घूम रहा होगा की
क्या जिन्न सच में इंसान के शरीर पर क़ाबू कर सकते हैं? अगर जबाव हां है तो इसके क्या लक्षण है ?

दिल भारी और बैचेन रहना

ऐसा कहा जाता है की जिन्न और दूसरी बुरी शक्तियां जब शरीर पर कब्जा करती है तो ये सबसे पहले इंसान के जज्बातों के साथ खेलती हैं, उसको ऐसा लगता है की कुछ सही नही चल रहा और उसके साथ कुछ दिक्कत है।

काफी लोगो को डिप्रेशन जैसी हालत महसूस होती है, भावनात्मक रूप से वो पुरी तरह से टूट जाते हैं, ऐसे लोगों को हर समय कुछ ना कुछ नकारात्मक फील होते रहता है जैसे –

  • जिंदगी में निराशा और हताशा महसूस होना
  • दिल बैचेन और बेकाबू लगना
  • हर टाइम बुरा फील होना
  • काम व करोबार में मन ना लगना

ऐसे लोगों को कई बार ऐसा भी लगता है की उन्हे कोई अंदर से कंट्रोल कर रहा है या वो किसी और के इशारे पर नाच रहे है, अगर मेंटल या मैडिकल टेस्ट में भी सब नॉर्मल आता है तो फिर रूहानी शक बढ़ता है।

शरीर में बदलाव और अजीब हरकतें

ऐसा कहा जाता है की जब जिन्नात भावनाओं पर एक हद तक काबू पा लेता है तो फिर वो शरीर के साथ खेलना शुरू कर देता है । व्यक्ति को शरीर में बदलाव व दर्द का अहसस हो सकता है ।

कुछ लोग तो यहां तक बोलते हैं की कोई अदृश्य चीज़ शरीर में बैठी है। कभी – कभी तो ऐसा भी होता है की डॉक्टर को दिखाने पर सब नॉर्मल होता है लेकिन समस्या बनी रहती है ।

ऐसी स्थिति में कई लक्षण महसूस हो सकते हैं जिसको लोग शरीर में जिन्न होने के लक्षण बोलते हैं, जैसे –

  • जी घबराना
  • पैरो में कमजोरी लगना और चलने में दिक्कत होना
  • सिर भारी – भारी सा लगना
  • कंधो पर एक अजीब सा बोझ लगना
  • चक्कर आना
  • रोने का मन करना
  • हर टाइम थकान और कमजोरी महसूस होना
  • मूड में जल्दी – जल्दी बदलाव होना

जैसा की हमने पहले भी कहा की जब जिन्न या कोई रूहानी ताकतें इंसानी शरीर पर कब्जे की कोशिश करती है तो सबसे पहले उसे जज्बाती तौर पर तोट कर रख देती है,

ऐसी ताकतें व्यक्ति के Emotions को उसी के खिलाफ एक हथियार बना कर यूज करती है और उसको धीरे – धीरे कमजोर करती है और वो अनकंट्रोल्ड रिएक्शन देता है।

एक बात ध्यान में रखने वाली ये भी है की ये लक्षण डिप्रेशन या एंग्जायटी के भी सकते हैं तो आपको दोनो तरफ बराबर ध्यान रखना है ।

बहरहाल व्यक्ति की भावनाएं जल्दी – जल्दी बदल सकती हैं जो कुछ इस प्रकार हैं –

  • कुछ पलो में खुशी से उदासी और फिर उदासी से खुशी का
  • अहसास होना
  • दोस्तों और परिवार से दूर रहना
  • बेकार की बातों पर गुस्सा और चिढ़ होना
  • अकेले रहना का मन करना
  • अजीब आवाजें आना

जब भी कोई नकारात्मक ऊर्जा आस – पास हो तो अपना अहसास कराने के लिए इस तरह की हरकते करती है –

  • जैसे की चलने की आवाजें आना
  • ऐसा लगना कोई नाम लेकर बुला रहा है
  • शांत जगहों पर भी आवाजे महसूस होना
  • किसी के रोने या हसने की आवाज आना

एक बात ध्यान में रखने वाली बात ये भी है की इस तरह की घटनाए साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर के कारण भी हो सकती है तो इसका भी ध्यान रखना है ।

नमाज़ और कुरान की तिलावत से डर लगना

दोस्तों ये दुनियाभर में देखने में आता है की जिन लोगो को जिन्न या कोई शैतानी ताकत काबू में कर लेती है तो उनको नमाज़/कुरान से नफरत या चिढ़ होने लगती है ऐसा इसलिए होता है की क्योकि Positive और Nagative ताकतें एक साथ एक ही जगह पर नही टिक सकती,

जो इस चीज के मरीज है वो अक्सर कहते हैं कुरान की आवाज़ सुनते ही दिल घबराने लगता है।” इससे लोगों का शक और भी पुखता होने लगता है ।

बिना वजह डर लगना

डर बुरी ताकतों का सबसे बडा हथियार होता है, ये डर का इस्तेमाल कर के ही व्यक्ति को मानसिक रूप से परेशान करते हैं उसको कई तरह के अहसास  होने लगते हैं जैसे –

  • अकेला रहने का मन करना लेकिन अकेले में डर लगना
  • अधेरो को देख कर खुशी होना
  • ऐसा लगना की हर टाइम उनके आस – पास कोई है

बुरे सपने आना

जो भी लोग दावा करते हैं की उनके शरीर पर जिन्न ने कब्जा कर लिया है वो अक्सर इस समस्या की शिकायत करते हैं उनका कहना है की रात को उनके बेहद ही डरावने सपने आने लगे हैं, सपने इतने डरावने और भयानक होते हैं की बीच रात में उनकी नींद टूट जाती है

सबसेे अजीब बात होती है की लोगो को बिना वजह का तर्कहीन और अचानक डर का अहसास होने लगता है ।

वो सपने में अलग – अलग तरह के जानवर देखने लगते हैं जैसे –

  • काला साप, बिच्छु, कुत्ता, चमगादड़ को देखना
  • मरे हुए पूर्वों को देखना
  • सपनों में भूत – पिशाच और डायन का सामना करना
  • सपने में खुदको ही मरते देखना
  • अजीब चीखें सुनाई देना
  • परखाईयां और अजीब आकृतियां दिखना
  • आग में जलना या डूबने जैसी घटनाएं दिखना

कुछ तो ये तक बोलते हैं की जागने के बाद भी उनको सुकून नही मिलता, नींद से उठने के बाद भी हो सकता है की व्यक्ति को कुछ पैरानॉर्मल घटनाएं महसूस हों जैसे –

1. किसी मौजूद होने का अहसास
2. किसी की फुसफुसाहट महसूस होना
3. तेज सांसों की आवाजे आना
4.  जागने पर दिल की धड़कन तेज और शरीर पुरा पसीनों में भीगा होना वगहरा – वगहरा

खाने – पीने में अचानक बदलाव

यूं तो हर कोई मूड और मौसम के हिसाब से खाना खाता है लेकिन अगर अचानक से खान – पान में बदलाव हो जाए खासकर की ऐसे आइटन जिसको व्यक्ति पहले कभी नही खाता था तो लोगो को फिर शक होने लगता है या कभी – कभी ऐसा भी हो सकता है की व्यक्ति की भूख पुरी तरह से मर ही जाए, जबकि कुछ दूसरी चीजें भी महसूस हो सकती हैं जैसे –

  • नींद से उठते ही अचानक भूख लगना
  • गोश्त खाने का जरूरत से ज्यादा मन करना
  • मीठा खाने की तेज इच्छा
  • सफेद और मीठी चीजें खाने की तीव्र इच्छा

हंसी और रोने पर नियंत्रण ना होना

जी हां सुनने में अजीब और थोडा बेतुका लगेे लेकिन लोगों का कहना है की जिन व्यक्तियों के शरीर पर जिन्न कब्जा कर लेता है वो अक्सर पागलों की तरह हरकतें करते हैं जिसमें आमतौर पर लक्षण होता है हसी और रोने पर काबू ना होना,

ये लोग आमतौर पर बिना वजह शैतानी तरीके से हंसने लगते हैं और बिना कारण घंटो रो भी सकते हैं इसके अलावा शरीर में जिन्न होने के लक्षण और भी हो सकते हैं –

1. अकारण गुस्सा फूट पडना
2. चेहरे पर हाव – भाव का बदलना
3. बातों और चेहरे पर जज्बातों का मेल ना खाना

नींद में खलल होना

जिन्न और दूसरी ताकतवर शक्तियां आमतौर पर रात में ज्यादा सक्रिया रहती हैं इसलिए जिन लोगो पर जिन्न आता है उनकी पुरी नींद गडबडा जाती है,

आमतौर पर व्यक्ति अचानक हडबडा कर उठ जाता है, नींद में झटके लेता है, रात में ऐसा लगता है कोई गला दबा रहा है, आधी नींद – आधी होश वाली स्थिति भी हो जाती है ।

जिन्नात से छुटकारा कैसे पाएं?

जिन्न को भगाने के उपाय कई प्रकार से काम करते हैं और कई तरह के होते हैं, खासकर की इस्लामी और कुरानी इलाज काफी कारगर माना जाता है जिसके बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं –

1. डरें नही :- जी हां दोस्तों, अल्लाह कुरान में फरमाता है –

और हमने इंसान को सबसे बेहतरीन शक्ल में पैदा किया।” — (सूरह अत-तीन 95:4)

यानी अल्लाह ने इंसानों को जिन्न से ऊपरी दर्जे का बनाया है और अगर उसमें इल्म और ईमान है। तो वो जिन्न को भी काबू में ला सकता है ।

2. तौबा और इस्तिग़फार करें ;- हर नमाज अदा करने के बाद अस्तग़फिरुल्लाह” (Astaghfirullah) कम से कम 100 बार पढ़ो।

3. रूक्या करें :- जी हां रूक़्या से आप काफी हद तक इस समस्या पर काबू पा सकते हैं, पुरा तरीका कुछ इस तरह है –

  • सबसे पहले वुज़ू करके किसी पाक और साफ जगह पर बैठ जाए,
  • इसके बाद पक्की नियत करें की :
    “या अल्लाह मैं तेरी मदद से जिन्न, शैतान और हर बुरे असर से निजात चाहता हूँ।”

इसके बाद इन आयतों की तिलावत करें

ये सुरहें जोर से (या दिल में) पढ़ो:

सुरह अल–फ़ातिहा (1 बार)

आयतुल कुर्सी (सुरह बकरा 2:255)

सुरह अल–इख़लास (3 बार)

सुरह अल–फलक (3 बार)

सुरह अन–नास (3 बार)

सुरह बकरा की आखिरी दो आयतें (285–286)

ये पढ़कर अपने ऊपर या पानी/तेल पर दम (फूंक) मारो।
उस पानी को पियो और नहाने में थोड़ा मिलाओ।

रोज़ाना 7 दिन तक करो, असर दिखने लगेगा।

निष्कर्ष

हमेशा की तरह हम आज भी आपके लिए इल्म से लबरेज़ पोस्ट लेकर आए जहां हमने आपको शरीर में जिन्न होने के लक्षण के बारे मे मुकम्मल जानकारी दी और इससे बचने और छुटकारा पाने के उपाय भी बताए,

हमें उम्मीद है की यहां से आपको कुछ अच्छा जानने को मिला होगा और आपके ज्ञान में इजाफा भी हुआ होगा, आगे भी इसी तरह की पोस्ट पढ़ते रहने के लिए हमारे ब्लॉग से जुड़े रहिये ।

नोट :- यह पोस्ट इंटरनेट पर मौजूद सामान्य जानकारी का निचोड़ है, हम किसी भी तरह से अंधविश्वास या अदृश्य शक्तियों के अस्तित्व को नही स्वीकारते इसलिए किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले दो बार सोचें ।

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